मुंबई, 7 तारीख — राज्य की पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन तथा पशुसंवर्धन मंत्री श्रीमती पंकजा मुंडे से आज जापान के सागा प्रांत के गवर्नर के नेतृत्व में आए उच्चस्तरीय शिष्टमंडल ने भेंट की। इस अवसर पर पर्यावरण, प्लास्टिक-मुक्ति, शिक्षा सहित विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। नदी पुनर्जीवन और प्लास्टिक-मुक्त जलस्रोत राज्य की प्राथमिकता हैं और इसके लिए जापान का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगा, ऐसा विश्वास पर्यावरण मंत्री मुंडे ने व्यक्त किया।
समुद्र और नदियों में होने वाले प्रदूषण को रोकने, प्लास्टिक कचरे के विरुद्ध संयुक्त प्रयास करने, तथा शिक्षा, पशुसंवर्धन और सौंदर्य प्रसाधन उद्योग के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने को लेकर महाराष्ट्र और जापान के शिष्टमंडलों के बीच सकारात्मक चर्चा हुई।
यह बैठक पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन तथा पशुसंवर्धन मंत्री पंकजा मुंडे के ‘रामटेक’ स्थित शासकीय निवास पर आयोजित की गई। जापान के सागा प्रांत के शिष्टमंडल का नेतृत्व गवर्नर योशिनोरी यामागुची ने किया। उनके साथ क्षेत्रीय विनिमय विभाग के उप-महानिदेशक मसाहिरो ओनो, अंतरराष्ट्रीय नीति समूह के उप-निदेशक कोजी योशिताके, परियोजना प्रमुख कोकी कनामारू तथा जेट्रो सागा के मुख्य निदेशक हिरोशी योनेयामा उपस्थित थे।
महाराष्ट्र सरकार की ओर से पशुसंवर्धन, दुग्ध व्यवसाय एवं मत्स्य व्यवसाय विभाग के सचिव डॉ. एन. रामास्वामी, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की सचिव जयश्री भोज, तथा महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल के सदस्य सचिव देवेंद्र सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
महाराष्ट्र को लंबा समुद्र तट प्राप्त है, लेकिन समुद्र से बहकर आने वाले प्लास्टिक कचरे की समस्या गंभीर है। इसके साथ ही नदियों में प्रदूषण भी चिंता का विषय है। भारतीय संस्कृति में नदियों के पवित्र महत्व को ध्यान में रखते हुए उनकी स्वच्छता के लिए राज्य सरकार विशेष कार्यक्रम हाथ में लेने जा रही है, ऐसा मंत्री मुंडे ने कहा।
इस अवसर पर गवर्नर यामागुची ने जापान के तकनीकी ज्ञान, प्रबंधन अनुभव और अनुसंधान क्षमताओं को महाराष्ट्र के साथ साझा करने की तत्परता व्यक्त की। एशियाई समुद्र में प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने के लिए “ज्ञान भागीदारी” के माध्यम से संयुक्त पहल करने पर दोनों पक्षों के बीच सकारात्मक चर्चा हुई।















